बैरसिया भोपाल मार्ग एक बार फिर खून से लाल हो गया… और एक परिवार की खुशियाँ पल भर में मातम में बदल गईं।

आशीष शर्मा पत्रकार



प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनय सिंह परमार (आचार्य जी), निवासी ग्राम मंगरा, एवं सचिव समुंदर सिंह राजपूत (ग्राम चटऊआ) संघ की बैठक में शामिल होने के लिए गोलखेड़ी जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में किसी डंपर या अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

इस भीषण हादसे में विनय सिंह परमार आचार्य जी की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई, जबकि सचिव समुंदर सिंह राजपूत का पैर फ्रैक्चर हो गया है और उनका उपचार हमीदिया अस्पताल में जारी है।

विनय सिंह परमार आचार्य जी एक सरल, मिलनसार और समाजसेवी प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। हाल ही में उन्होंने अपनी बिटिया का विवाह किया था। क्षेत्र में उनका व्यवहार और अपनापन सभी के दिलों में बसता था। आज उनका असमय निधन न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

लेकिन यह केवल एक हादसा नहीं…

यह उस सड़क की भयावह सच्चाई है, जिसे लोग अब “खूनी मार्ग” कहने लगे हैं।

लगातार हो रहे हादसे, उजड़ते परिवार, और अधूरी पड़ी फोरलेन की मांग — आखिर कब तक?

क्षेत्रवासी वर्षों से इस मार्ग को सुरक्षित और फोरलेन बनाने की मांग कर रहे हैं, पर अब तक ठोस पहल नहीं दिखी।

क्या अब भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की आंखें नहीं खुलेंगी?

क्या सांसद श्री आलोक शर्मा जी इस पीड़ा को महसूस कर इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे?

यह समय केवल शोक का नहीं, बल्कि जागरूकता और एकजुटता का है।

अगर आज भी हम नहीं जागे, तो कल फिर कोई परिवार इसी सड़क पर अपना सब कुछ खो देगा।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

और हम सब यह संकल्प लें — इस “खूनी मार्ग” को सुरक्षित बनाने की लड़ाई अब निर्णायक होगी।

#berasia

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