भोपाल: राजधानी भोपाल की सूरत अब बदलने जा रही है। ट्रैफिक की भीड़ से राहत और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को हाई-टेक बनाने के लिए दो बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। ये मंजूरी तब मिली जब भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने दिल्ली में गडकरी से मुलाकात कर प्रस्तावों की विस्तृत रूपरेखा उनके सामने रखी।
पहला प्रोजेक्ट:
रानी कमलापति स्टेशन से एयरपोर्ट तक 17 किमी केबल ब्रिज: इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत राजधानी को एयरपोर्ट से जोडऩे के लिए 17 किलोमीटर लंबा केबल ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें 2 किलोमीटर का हिस्सा बड़े तालाब क्षेत्र से होकर एलीवेटेड ब्रिज के रूप में गुजरेगा। मौजूदा समय में एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाली देरी और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए यह ब्रिज शहर की जरूरत बन गया है। नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव को ‘भोपाल के लिए व्यावहारिक और समय की मांग’ बताते हुए स्वीकृति दी।
दूसरा प्रस्ताव करोंद से बैरसिया के बीच 35 किलोमीटर सड़क को फोरलेन में तब्दील करना:
इस प्रस्ताव में पीएम गति शक्ति योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। यह सड़क एनएच-146 को एनएच-346 से जोड़ेगी, जिससे राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सुगम यातायात सुनिश्चित होगा। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि ‘यह दोनों प्रोजेक्ट सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड नहीं हैं, बल्कि राजधानी की भावी संरचना का आधार तैयार करेंगे।’ अब निगाहें इन प्रस्तावों की डीपीआर और निर्माण प्रक्रिया की ओर हैं, जिनकी औपचारिक शुरुआत जल्द होने की संभावना है।
भोपाल के करोंद चौराहा से बैरसिया तक 38 किमी लंबे मार्ग में आने वाले 350 गांव लाभान्वित करने हेतु फोरलेन मार्ग करने की मांग की गई । भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने देश के केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर की मांग
ख़ास बात यह है कि केंद्रीय मंत्री ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए जल्द ही इस मार्ग को स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। सांसद शर्मा ने कहा कि भोपाल (करोंद) - बैरसिया मार्ग फोरलेन होने पर, मार्ग में आने वाले गांवों सहित नजीराबाद से गुना, शमशाबाद से सिरोंज एवं अशोकनगर तक बेहतर रोड कनेक्टिविटी होगी।
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