शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ( सीएमएचओ ) डॉ. मनीष शर्मा ने बैरसिया सिविल अस्पताल क औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में शुरू होने वाली सोनोग्राफी सेवा की तैयारियों का जायजा लिया और प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि


भ्रूण हत्या रोकने के लिए सोनोग्राफी से जडे सभी नियमों का कड़ाइं सें पालन किया जाए। पत्रकारों से बातचीत में सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी समय में किसी भी डॉक्टर द्वारा निजीप्रैरक्टिस नहींकी जाएगी। उन्होंने कहा कि डसका असर जल्द ही नजर आएगा। साथ ही मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी को झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक सील कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि कार्रवाई जमीन पर दिखनी चाहिए।



निरीक्षण के दौरान उन्होंने डिलीवरी प्वाइंट पीएनसी वार्ड एवं एनआरसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। एनआरसी वार्ड में कम संख्या में बच्चों के भर्ती होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और इस संबंध में डीपीओ से चर्चा कर सीडीपीओ के माध्यम से कपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए।वहीं गर्भवती महिलाओं को निधारित पोषण आहार (लड्डू)  नहीं मिलने की शिकायत पर सीएमएचओ भडक उठे। उन्होंने व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि सीएमएचओ के औचक निरीक्षण के समय मृख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्ष्पा गुरु नजीराबाद क्षेत्र में निरीक्षण पर थीं

Post a Comment

Previous Post Next Post